शरण शिवयोगी सिद्धरामेश्वर जी का वचन

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अभिषेक देशमाने
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अभिषेक देशमाने हे वचन साहित्य अभ्यासक असून त्यांचे या विषयावरील अनेक लेख प्रसिद्ध आहेत. याचबरोबर ते बसव ब्रिगेड, वचन अकादमी, पुणे, आणि बसव मिशन च्या सोशल मिडिया विभागाचे प्रमुख आहेत.
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बसव को द्वितीय शंभु कहते है।
हम तृतीय शंभू है।
जो खुद को जानता है वह द्वितीय शंभु कहलाते है ।
जो खुद को भूल जाते है वह इहलोक के मानव कहलाते है, कपिलसिद्ध मल्लिकार्जुना ।

वचन का भावार्थ

इस वचन में शरण सिद्धरामैय्या कहते है कि, इस लोक में केवल एकही शंभू नही है। हमारे बसवण्णाही  द्वितीय शंभू है आगे जाकर सिद्धरामेश्वरजी कहते है की हम खुद तृतीय शंभू है । शरण  सिद्धरामेश्वरजी द्वितीय  शंभू की परिभाषा बातलाते है, वो कहते है खुद को जो जानता है वही द्वितीय शंभू है । हे कपिलसिद्ध मल्लिकार्जुना, जो अपने आप को भूल जाते है उसे इहलोक का कहते है।

भाषांतर और भावार्थ लेखन:
अभिषेक देशमाने
‌सोशल मिडिया, वचन अकादमी, पुणे और बसव ब्रिगेड, पश्चिम महाराष्ट्र.

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अभिषेक देशमाने हे वचन साहित्य अभ्यासक असून त्यांचे या विषयावरील अनेक लेख प्रसिद्ध आहेत. याचबरोबर ते बसव ब्रिगेड, वचन अकादमी, पुणे, आणि बसव मिशन च्या सोशल मिडिया विभागाचे प्रमुख आहेत.

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